लोगों के मनोरंजन की प्रशासन को कोई चिंता नहीं, सिदो कान्हू मुर्मू पार्क का उद्घाटन महीने से बंद

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पाकुड़:पाकुड़ में सिदो कान्हू मुर्मू पार्कही नहीं बल्कि सौंदर्य पश्चिम बंगाल से आने वाले लोगों का भी मनोरंजन होता था। लेकिन इन दिनों यह पार्क पावर एंड रेस्टोरेशन की ओर बढ़ गया है। यही कारण है कि करोड़ों रुपये राजस्व राजस्व देने वाले इस पार्क का लॉक डाउन माह से बंद है और लोगों को मनोरंजन का मौका नहीं मिल रहा है।

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सिदो कान्हू मुर्मू पार्क में लोग मनोरंजन के लिए ऐतिहासिक हीरा मार्टिलो टॉवर और संथाल हूल के नायक शहीद सिदो कान्हू और चंदन भैरव के दर्शन करने से भी प्रभावित हैं। क्योंकि प्रशासन पार्क के मुख्य द्वार पर लगे लॉक रूम में कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है। लोगों को पार्क में जाने और मार्टिलो टॉवर और कैदियों की प्रतिमा के दर्शन करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।

आधे घाटे से ज्यादा बार हुई बैठक: प्रशासन ने इस पार्क के मुख्य द्वार का ताला खोलने के लिए अब तब आधा वर्ष की बैठक कर मामले को तीर्थयात्रा का शिखर बनाने का प्रयास किया है। लेकिन एक पक्ष अपनी इस जिद पर अड़ा हुआ है कि पार्क के संवेदक को हटाए बिना इसे नहीं दिया जाएगा। प्रतिष्ठा और पावर के दिग्गजों के कारण सिदो कान्हू मुर्मू पार्क की सार्थकता सही साबित नहीं हो रही है।

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क्या है विवाद:सबसे पहले इस पार्क में स्थापित सिदो कान्हू में से एक की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। केस की जानकारी में बताया गया है कि युवा छात्रों के बच्चे और कॉलेज के छात्र-छात्रों ने चैंबर जाम कर दिया और सिदो कान्हू मुर्मू के वंशज मंडल मुर्मू ने प्राकृतिककालीन ताला बंद कर दिया। तालाबंदी के फैसले में छात्र नेता कमल मुर्मू के अलावा जदयू समाज के मार्क बास्की, मुखिया विकास गौंड, रामसिंह टुडू सहित लोगों ने भव्य प्रतिमा को स्थापित करने, पीट की नई प्रतिमा स्थापित करने और प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने के मामले में संवेदक को दोषी ठहराया। दोबारा रद्द करने के बाद ही पार्क का लॉक की बात प्रशासन के सामने कही गई थी।

प्रतिमा की निकाली गई सूची:हॉल दिवस के बाद की बैठकों में पार्क पर विचार-विमर्श का निर्णय लिया गया। प्रशासन ने युवाओं और छात्रों- छात्रों के प्रतिनिधियों द्वारा जारी किए गए छात्रों के हवाले से कहा कि महल की मूर्तियों की भी जब्ती कर ली गई है, एसआईटी का कैमरा लगाया गया है और पीत की नई प्रतिमाओं के निर्माण का आदेश भी दिया गया है। लेकिन अब तक सिदो कान्हू मुर्मू पार्क का लॉक हूल दिवस पर ठीक होने के लिए कोई आवेदन नहीं दिया गया है।

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बंदूकों के खिलाफ दर्ज किया गया अज्ञात मामला:संवेदक शंभू नंदा का कहना है कि मूर्ति निर्माण मामले को लेकर नगर थाने में अज्ञात के दस्तावेज दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि 12 मई को पार्क में लॉक डाउन कर देने से रोजाना 15 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद और जिला प्रशासन को पार्क के लिए आवेदन करना होगा। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

वहीं, डीसी वरुण रंजन ने महाराष्ट्र से बंद पेड पार्क को लेकर कहा कि जेनेबिया संगठन द्वारा बनाए गए टुकड़ों को पूरा किया गया है। कुछ जाँच पड़ताल विभाग से राय ली गयी है। साथ ही साथ शास्त्रियों को उद्यमियों के साथ बैठक कर समस्या का हल निकालने का निर्देश दिया गया है। बता दें कि नगर परिषद में हुई ओपन पोस्ट में सिदो कान्हू मुर्मू पार्क के लिए अधिकतम 28 लाख 50 हजार की बोली लगाने वाले शंभु नंदा कुमार के साथ एकरारनामा किया गया है।

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