दूसरा टेस्ट:बैजबॉल पर बंटा इंग्लैंड, कप्तान-कोच रणनीति पर खिलाड़ी, बॉयकॉट बोले- मनोरंजन से ज्यादा एशेज जीतना जरूरी – इंग्लैंड बज़बॉल पर बंटा, कप्तान-कोच रणनीति पर कायम, बॉयकॉट बोले- एशेज जीतना ज्यादा जरूरी

विस्तार

लॉर्ड्स में 28 जून से होने वाले एशेज के दूसरे टेस्ट से पहले कप्तान बेन स्टोक्स और कोच ब्रेंडन मैकुलम की बैजबॉल रणनीति इंग्लैंड पर टूट पड़ी है। ज्योफ बॉयकोट, नासिर हुसैन, डेविड लॉयड जैसे दिग्गजों ने एजबेस्टन में इंग्लैंड की आक्रामक क्रिकेट वाली बैजबॉल थ्योरी पर सवाल उठाये हैं। वहीं मैकुलम को इस रणनीति पर कैप्टन स्टॉकहोम का समर्थन हासिल है। इंग्लैंड के लिए 108 टेस्ट में आठ हजार से ज्यादा रन बनाने वाले ज्योफ बॉयकॉट ने यहां तक ​​कहा है कि इंग्लैंड के मनोरंजन के लिए सबसे ज्यादा एशेज जीतना जरूरी है। उनका कहना है कि ऐसे मनोरंजन का क्या फायदा, कीमत कीमत हमें एशेज गंवाकर चुकानी पड़े।

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लॉयड ने पारी घोषित करने की आलोचना की

एजबेस्टन में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया से मिली दो विकेट से हार के बाद मैकुलम और स्टॉकहोम में स्पष्ट कर दिया गया कि वे लॉर्ड्स पर भी आक्रामक क्रिकेट की रणनीति से ही उतरेंगे। मैकुलम ने तो यहां तक ​​कहा है कि एजबेस्टन में मिली हार ने अपनी टीम के प्रदर्शन के तरीके की पुष्टि कर दी है। एजबेस्टन में इंग्लैंड ने पहले ही दिन आठ विकेट पर 393 रन बनाकर पारी घोषित कर दी थी। उस दौरान जो रूट 118 रन पर आस्ट गेम खेल रहे थे। इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर डेविड लॉयड का कहना है कि अगर स्टोक्स ने पारी घोषित नहीं की तो रूट अतिरिक्त 30 से 40 रन बना सकते थे, जो अंतिम दिन काफी मूल्यवान साबित होता।

ऐसे एशेज हार इंग्लैंड: बॉयकॉट

इंग्लैंड ने एजबेस्टन टेस्ट में कुल 666 रन बनाए। इसके लिए बैजबॉल थ्योरी के तहत सिर्फ 144.2 ओवर प्ले करें। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने 668 रन बनाए और उन्होंने ओवर में 208.2 रन बनाकर जीत हासिल की। इंग्लैंड ने एजबेस्टन में तेजी से रन बनाए, दर्शकों ने पूरा आनंद उठाया, लेकिन बॉयकॉट का कहना है कि अगर इंग्लैंड ने इसी रणनीति पर आगे बढ़ाया तो यह प्रदर्शनी सीरीज बनेगी और इंग्लैंड एशेज हार जाएगा। बॉयकॉट का कहना है कि इंग्लैंड के समर्थक मनोरंजन से ज्यादा एशेज जीतना को सबसे ज्यादा पसंद करेंगे। अगर इसी तरह क्रिकेट से ऑस्ट्रेलिया एशेज का नामकरण होता है तो हमें अपने आप को बीमार महसूस होगा।

एजबेस्टन में इंग्लैंड ने फेकी 24 नो-बॉल

इंग्लैंड के बैजबॉल थ्योरी ही पाइल्स के अकेले में नहीं हैं बल्कि जॉनी बेयरस्टो की विकेट कीपिंग और इंग्लैंड के बॉलबॉल की ओर से एजबेस्टन में फेंके गए नोबॉल पर सवाल उठ रहे हैं। एजबेस्टन में इंग्लैंड के रेसोल्यूशन ने कुल 24 नोबेल स्टार्स बनाए, जबकि ऑस्ट्रेलिया के रेसोल्यूशन ने सिर्फ चार नोबेल स्टार्स बनाए। बेयरस्टो ने कैमरन ग्रीन की महत्वपूर्ण स्मारक छोड़ी। इंग्लैंड ने मुख्य विकेट कीपर बेन फॉक्स की जगह बेयरस्टो को मौका दिया। अब फिर से फ़ॉक्स को लेकर आया कूड़ा कचरा।


हेडन ने रॉबिन्सन को आड़े हाथ ले लिए

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने इंग्लैंड के पेसर ओली रॉबिन्सन को अपने हाथों में ले लिया। रॉबिन्सन ने एजबेस्टन में उस्मान ख्वाजा को 141 ​​रन पर बोल्ड करने के बाद उत्तेजात्मक जश्न मनाया था, जिसे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों और उनकी गर्लफ्रेंड ने पसंद नहीं किया था। रॉबिन्सन ने इस जश्न में माफ़ी को भी शामिल किया था। हेडन ने कहा कि रॉबिन्सन ऑनलाइन उपयुक्त फिल्में हैं। उनकी इस ख़ुशी ने ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड से एल सहयोगियों की ताकत प्रदान की। कमिंस और लियोन ने रॉबिन्सन के खिलाफ दूसरी पारी में विकेट नहीं खोकर ऐसा ही किया। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेट कीपर इयान हिली ने तो यहां तक ​​कहा कि रॉबिन्सन कौन हैं? उन्होंने सुना है कि वह 120 किमी प्रति घंटा की किताब से गेंद फेंकते हैं।

बेसबॉल क्या है?

बैज के इंग्लैंड के कोच ब्रैंडन मैकुलम का उपनाम है। मैकुलम ने इंग्लैंड का कोच बनने के बाद टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक तरीके से बल्लेबाजी करने की रणनीति अपनाई। इंग्लैंड ने इस थ्योरी से काफी सफलता हासिल की। लक्ष्य का पीछा करने में उसे जबरदस्त सफलता मिली। इसी को बैजबॉल का नाम दिया गया है।

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