1973 की ब्लॉकबस्टर फिल्म, कांग्रेस नेता ने लिखा था सुपरहिट गाना, 2 नए चेहरे रातोंरात बने सुपरहिट सितारे

50 साल पहले एक फिल्म रिलीज हुई, जिसको लोगों ने खूब प्यार दिया. क्योंकि इस फिल्म ने लोगों को सच्चे प्यार के मायने सिखाए. ये उस दौर की बात है, जब राजेश खन्ना की तूती बॉलीवुड पर जमकर बोल रही थी.

कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनकी कहानी, गानें और कास्ट लोगों के दिलों में बस जाती हैं. 60-70 के दशक में हर एक्टर नामी एक्टर का दौर दर्शकों को देखने को मिला. राजकुमार साहब हो या दिलीप कुमार, राजेश खन्ना हो या अमिताभ बच्चन हर कलाकार ने अपने दौर में एक के बाद एक हिट फिल्में दीं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एंग्री यंगमैन के दौर में बॉलीवुड के एक नामी फिल्ममेकर एक मूवी लेकर आया, जिसने उस दौर में मोहब्बत का मतलब एक बार फिर लोगों को समझाया, जिसके सदाबहार गानें आज भी लोगों के कानों में उतनी ही मिठास घोल देते हैं.  फोटो साभार- वीडियो ग्रैब

50 साल पहले एक फिल्म रिलीज हुई, जिसको लोगों ने खूब प्यार दिया. क्योंकि इस फिल्म ने लोगों को सच्चे प्यार के मायने सिखाए. ये उस दौर की बात है, जब राजेश खन्ना की तूती बॉलीवुड पर जमकर बोल रही थी.  फोटो साभार- वीडियो ग्रैब

‘तुमने किसी से प्यार किया, क्या किसी को दिल दिया…’, ‘हम तुम एक कमरे में बंद हो’. आज बात साल 1973 में आई बॉबी की, भारतीय फिल्म इतिहास की एक ऐसी सदाबहार फिल्म जिसने पिछले 50 सालों से युवाओं को प्यार करने और अपने प्यार को पाने के लिए किसी भी हद तक गुजर जाने के लिए प्रेरित किया. इस फिल्म ने उस दौर में दो नए कलाकार दिए और फिल्म के कारण ही राज कपूर दिवालिया होने से बचे थे.

इस फिल्म का एक गाना जो महिला संगीत में खूब पसंद किया गया, वह था ‘झूठ बोले कौआ काटे काले कौवे से डरियो…’ को मध्यप्रदेश के उस समय के दिग्गज कांग्रेसी नेता विट्ठलभाई पटेल ने लिखे थे, जो सागर के विधायक रहे और अपने सूबे की कई सरकारों में मंत्री भी रहे. @BombayBasanti/twitter

‘बॉबी’ में सच्चे प्यार करने वाले दो आशिकों को दिखाया गया है, जो अपने प्यार के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहते हैं. दरअसल, फिल्म में अमीरी और गरीबी के प्रेम के रास्ते में आ जाने की कहानी है. इसकी को नजर में रखते हुए राज कपूर ने क्लाइमेक्स रचा. उसके हिसाब से हीरो और हीरोइन दोनों आखिर में डूबकर मर जाते हैं. लेकिन डिस्टीब्यूटर्स ने इस पर हंगामा खड़ा कर दिया.

इस हंगामें के बाद राज साहब के मन में ख्याल आया कि कही इस फिल्म का हाल भी ‘मेरा नाम जोकर’ की तरह न हो जाए. बस फिर क्या था, उन्होंने क्लाइमेक्स बदला दिया और फिल्म को दर्शकों ने खूब प्यार दिया. ये फिल्म साल 1973 में भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मूवी थी. फोटो साभार- वीडियो ग्रैब

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म के मुहूर्त पर हेमा मालिनी आई थीं. जब उन्हें बताया गया कि यही फिल्म की हीरोइन डिंपल कपाड़िया हैं, तो वह बहुत खुश हुईं. कम लोग ही ये जानते हैं कि हिंदी फिल्म जगत में हेमा मालिनी की सबसे करीबी दोस्त डिंपल हैं. फोटो साभार- @IMDB

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