वो डायरेक्टर, जिसके नाम से स्विट्जरलैंड में चलती है स्पेशल ट्रेन, दर्ज है ये 6 रिकॉर्ड

यश चोपड़ा…यह वो नाम है, जिसने फिल्मों के जरिए न सिर्फ देश की सभ्यता को दुनियाभर में फैलाया, बल्कि रोमांस को भी एक नई परिभाषा दी। अगर आज शाहरुख खान को ‘रोमांस का बादशाह’ कहा जाता है, तो यह सिर्फ यश चोपड़ा की वजह है। सच्चे मायनों में वह ही रोमांस के किंग थे, जिन्होंने फिल्मी पर्दे पर प्यार और रोमांस को नया रंग-रूप दिया। यश चोपड़ा एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्होंने फिल्में ही नहीं बनाईं, बल्कि उनका जॉनर डिफाइन किया। हिंदी सिनेमा को ऊंचाई पर ले जाने में उनका अहम योगदान रहा। यश चोपड़ा की 27 सितंबर को 91वीं बर्थ एनिवर्सरी है। वह एकमात्र भारतीय डायरेक्टर हैं, जिनके नाम पर स्विट्जरलैंड में सड़क बनाई गई। यही नहीं, स्विट्जरलैंड में उनके नाम पर स्पेशल ट्रेन और डीलक्स स्वीट बनाया गया।

WoW Wednesday में जानिए Yash Chopra की कहानी। उनके नाम फिल्मफेयर के सबसे ज्यादा नॉमिनेशंस पाने का रिकॉर्ड है। इसके अलावा वह पहले ऐसे भारतीय थे, जिन्हें ब्रिटिश अकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स ने लाइफटाइम मेंबरशिप दी थी।

ऋषि कपूर के साथ यश चोपड़ा, फोटो- Twitter@BombayBasanti

Yash Chopra Birthday: यश चोपड़ा ने डरते-डरते बनाई थी ‘सिलसिला’, रेखा और जया से कहा था- कोई गड़बड़ ना हो

यश चोपड़ा की यादगार फिल्में और करियर की शुरुआत

यश चोपड़ा को आज भी ‘डर’, ‘दिल तो पागल है’, ‘वीर जारा’, ‘जब तक है जान’, ‘त्रिशूल’, ‘दीवार’ और ‘दाग’ जैसी फिल्मों के लिए याद किया जाता है। इन फिल्मों के जरिए यश चोपड़ा ने बॉलीवुड में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया था। यश चोपड़ा एक मशहूर फिल्ममेकर ही नहीं बल्कि देश के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस यशराज फिल्म्स के खेवनहार भी रहे। हालांकि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत आई एस जौहर के असिस्टेंट के रूप में की थी। फिर 1959 में यश चोपड़ा ने ‘धूल का फूल’ से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया, और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।

शाहरुख संग यश चोपड़ा, फोटो: Twitter@prags_here

‘सिलसिला’ की शूटिंग पर जया से बचने का रेखा ने निकाला था तरीका, बोले थे यश चोपड़ा- मेरे सेट पर गड़बड़ ना करना

यश चोपड़ा के नाम 6 रिकॉर्ड और अवॉर्ड

अपने करियर में यश चोपड़ा ने सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई सम्मान जीते। उन्होंने 6 नेशनल अवॉर्ड और 8 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स जीते। इसके अलावा उन्हें दादासाहेब फाल्के और पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था। यश चोपड़ा के नाम कुछ रिकॉर्ड भी हैं।

पहली बार क्रिकेट के मैदान में Pamela को मुड़-मुड़कर देखते रहे थे यश चोपड़ा, तब ब्रिटिश एयरवेज में करती थीं काम

फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में 14 बार नॉमिनेशन

यश चोपड़ा के नाम फिल्मफेयर में बेस्ट डायरेक्टर कैटिगरी में सबसे ज्यादा बार नॉमिनेट होने का रिकॉर्ड है। इस कैटिगरी में उन्हें 14 नॉमिनेशन मिले थे। यश चोपड़ा ने ‘वक्त’, ‘इत्तेफाक’, ‘दीवार’ और ‘दाग: ए पोयम ऑफ लव’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था।

स्विट्जरलैंड से मिला था खास सम्मान

यश चोपड़ा को स्विट्जरलैंड से बहुत प्यार था। शायद यही वजह रही कि उन्होंने अपनी ज्यादातर फिल्मों में यहां की खूबसूरती को बखूबी दिखाया। वहां की खूबसूरत वादियों में शूटिंग भी की। अपनी फिल्मों के जरिए यश चोपड़ा ने स्विट्जरलैंड के टूरिजम को बढ़ाने में काफी मदद की थी, जिसके लिए वहां की सरकार ने डायरेक्टर को ऐसा सम्मान दिया, जो इतिहास में दर्ज हो गया।

Pamela Chopra: शाहरुख खान से लेकर ऋतिक रोशन तक, पामेला चोपड़ा को श्रद्धांजलि देने पहुंचे ये सितारे

यश चोपड़ा के नाम पर स्विट्जरलैंड में लेक और स्पेशल ट्रेन

दरअसल साल 2016 में स्विट्जरलैंड सरकार ने वहां यश चोपड़ा की कांस्य यानी ब्रोंज की एक मूर्ति लगवाई, जिसका वजन 250 किलो है। इसे स्विट्जरलैंड के इंटरलेकन में कांग्रेस सेंटर में लगाया गया है। ऐसा सम्मान किसी और भारतीय डायरेक्टर को नहीं मिला। तीसरा रिकॉर्ड यह है कि स्विट्जरलैंड में यश चोपड़ा के नाम से स्पेशल ट्रेन चलाई गई। 2011 में वहां की रेलवे ने यश चोपड़ा के नाम से एक ट्रेन की शुरुआत की थी। इस ट्रेन पर यश चोपड़ा के नाम का बोर्ड और सिग्नेचर है। चौथा रिकॉर्ड यह है कि स्विट्जरलैंड में एक लेक का नाम यश चोपड़ा के नाम पर है, जिसका नाम Lake Lauenen है।

यश चोपड़ा के नाम से सड़क

पांचवा रिकॉर्ड यह है कि स्विट्जरलैंड में यश चोपड़ा के नाम एक सड़क भी है। इंटरलेन की मेन स्ट्रीट का नामकरण डायरेक्टर के नाम पर किया गया। छठा रिकॉर्ड एक फिल्म के मामले में है। और वो यह है कि ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ थिएटर में सबसे ज्यादा दिनों तक चलने वाली फिल्म रही। यह फिल्म मुंबई के मराठा मंदिर में करीब एक हजार छह हफ्तों तक चली थी।

संगीता तोमर के बारे में

संगीता तोमर प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रोड्यूसर

नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से पिछले 5 साल से जुड़ी हैं। वह अभी बतौर प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं। गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन और मास्टर्स करने के बाद संगीता तोमर ने फील्ड में एंट्री की। हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में 12 साल से हैं। इस दौरान उन्होंने कुछेक न्यूज चैनलों से लेकर आईएएनएस और अमर उजाला समेत दैनिक भास्कर में काम किया। संगीता की दिलचस्पी एंटरटेनमेंट और पेज 3 में है और मुख्य रूप से उसी क्षेत्र में काम कर रही हैं। घूमने-फिरने, किताबें पढ़ने और म्यूजिक का शौक है।Read More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *