जीते में दिखी तारा सिंह की बहादुरी, एक्शन और मनोरंजन से भरपूर फिल्म 

‘गदर 2’ रिव्यू: जीते में दिखी तारा सिंह की बहादुरी, एक्शन और मनोरंजन से भरपूर फिल्म 



मनोरंजन

August 11, 2023 | 02:28 pm
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जानिए कैसी है ‘गदर 2’

‘गदर 2’ लंबे इंतजार के बाद सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है।

2001 की यादगार फिल्म ‘गदर’ के सीक्वल की लंबे समय से चर्चा हो रही थी। निर्देशक अनिल शर्मा, सनी देओल और अमीषा पटेल जोरशोर से इसका प्रमोशन कर रहे थे।

‘गदर’ के आखिर में तारा अपनी पत्नी सकीना और बेटे जीते को भारत वापस ले आता है। ‘गदर 2’ की कहानी इसके 17 साल बाद शुरू होती है।

आपको बताते हैं कैसी है ‘गदर 2’।

पिता के लिए जीते ने की सरहद पार

पिता के लिए जीते ने की सरहद पार

पूर्वी पाकिस्तान में माहौल खराब होने के कारण भारत-पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात हैं।

तारा की भारतीय सेना के अफसरों से अच्छी पहचान है। तारा अपने ट्रक से सेना का सामान पहुंचाने जाता है, तभी वहां पाकिस्तानी सेना हमला कर देती है।

जीते को पता चलता है कि तारा पाकिस्तानी सेना के कब्जे में है, तो वह पिता को छुड़ाने के लिए पाकिस्तान में दाखिल होता है। इसके बाद बाप-बेटे का एक-दूसरे को ढूंढने का सिलसिला चलता है।

देशभक्ति पर आधारित है फिल्म

पिछली बार फिल्म के केंद्र में तारा और सकीना की प्रेम कहानी थी, तो इस बार फिल्म का मूल भाव देशभक्ति है।

तारा और जीते की भिड़ंत पाकिस्तानी सेना के अफसरों के साथ, उनके मन में हिंदुस्तानियों के लिए नफरत से भी है। उनकी नजरों से बचकर, तो कभी सीना तानकर बाप-बेटे एक-दूसरे को ढूंढते हैं।

जीते के अंदर पिता तारा सिंह की बहादुरी कूट-कूटकर भरी है। फिल्म में बाप-बेटे के प्यार को आधार बनाकर देशभक्ति बखूबी पिरोई गई है।

सनी ने फिर दिखाया तारा सिंह का तेज

17 साल बाद भी पाकिस्तान में तारा सिंह के चर्चे हैं।

फिल्म में सनी की आवाज, उनकी चाल-ढाल और अभिनय में वह तेज साफ नजर आता है। साथ ही अपने बेटे और परिवार को मुसीबत में देखकर अपनी आंखों से ही वह दर्शकों को अपनी तकलीफ बयां कर देते हैं।

‘मैडम जी’ यानी कि अमीषा के हिस्से सिर्फ कुछ भावुक दृश्य ही थे। ‘गदर’ के मुकाबले उनका अभिनय तेज हुआ है, लेकिन संवाद बोलने में वह कहीं-कहीं कच्ची लगती हैं।

सनी के साथ कंधे से कंधा मिलाते दिखे उत्कर्ष

कहानी का केंद्र जीते का किरदार है। यह किरदार उत्कर्ष ने निभाया है। 2001 में भी उत्कर्ष ने ही छोटे जीते का किरदार निभाया था।

इंटरवल के पहले तक उत्कर्ष ही फिल्म के हीरो रहे। भले उनके अभिनय में परिपक्वता आना बाकी है, लेकिन पर्दे पर उन्होंने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक्शन में वह सनी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं।

युवा कलाकार के रूप में उनका रोमांस भी अच्छा लगता है।

शानदार रहे ये कलाकार

सिमरत कौर ने बॉलीवुड में डेब्यू किया है, लेकिन पर्दे पर वह अनुभवी अभिनेत्री लगती हैं।

विलेन बने मनीष वाधवा ने अपने किरदार में तारा सिंह को खूब टक्कर दी। दमदार आवाज और चेहरे पर हैवानियत, उनका किरदार ही है, जो दर्शकों को तारा सिंह से और जोड़ देता है।

फिल्म में लव सिन्हा ने कैमियो किया है।

फिल्म में मधुमालती कपूर (ताई) और मुश्ताक खान (गुल) अपने पुराने किरदारों में नजर आए।

निर्देशन में दिखा अनिल का अनुभव

पुरानी फिल्म से जोड़े रखकर, 21 साल बाद नई पीढ़ी के दर्शकों के लिए सीक्वल बनाना टेढ़ी खीर है। निर्देशक अनिल ने इस काम को बेहतरीन तरीके से पूरा किया है।

पुरानी फिल्म के कलाकार अमरीश पुरी (अशरफ अली) और विवेक शौक (तारा का दोस्त दरमियां सिंह), जिनका अब देहांत हो चुका है, उन्हें भी संजीदगी से फिल्म के इमोशन में शामिल किया है।

निर्देशक ने एक्शन के साथ भरपूर कॉमेडी और ट्विस्ट्स से दर्शकों का मनोरंजन किया है।

फिल्म से संगीत ने भरा जोश

पूरी फिल्म के दौरान संगीत 2001 की गदर से इसको जोड़कर रखता है। फिल्म में पुराने गाने नए रूप में शामिल किए गए हैं। आज के दौर में जब लोग आए दिन 90’s के गानों के बेकार रीमीक्स पर भड़के नजर आते हैं, वहां इस फिल्म का संगीत एक तोहफा है।

फिल्म देशभक्ति के जुनून और बाप-बेटे के इमोशन पर आधारित है। फिल्म के कुछ शानदार फ्रेम्स दर्शकों को इन भावनाओं की रोलर कोस्टर राइड कराते हैं।

लंबा क्लाइमैक्स करेगा परेशान

फिल्म के क्लाइमैक्स का अंदाजा दर्शकों को पहले से होता है। ऐसे में क्लाइमैक्स तक पहुंचने का सफर काफी लंबा हो गया।

तारा सिंह की ताकत दिखाने के चक्कर में फिल्म में बार-बार ट्विस्ट आते हैं। ये रोचक तो होते हैं, लेकिन फिल्म को काफी लंबा बना देते हैं।

जो दर्शक ‘गदर’ के प्रशंसक नहीं हैं, तो 2 घंटे 45 मिनट लंबी यह फिल्म उन्हें बोझिल लग सकती है।

देखें या न देखें?

क्यों देखें?– स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आई फिल्म देशभक्ति और तारा सिंह के जोश से भरपूर है। इस बार तारा सिंह ने हैंडपंप के साथ क्या किया, यह देखने के लिए भी आप सिनेमाघर जा सकते हैं।

क्यों न देखें?– यह 80-90 के दशक की एक्शन फिल्मों वाला अनुभव देती है। ऐसी फिल्म नहीं पसंद, तो इस फिल्म से किनारा कर सकते हैं।

न्यूजबाइट्स स्टार– 3.5/5


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