पंकज त्रिपाठी-अक्षय का बेहतरीन एक्टिंग, मनोरंजन के साथ जरुरी सन्देश

स्टार कलाकार अक्षय कुमार और पंकज त्रिपाठी ने OMG 2 मूवी में समाज को केंद्र में रखकर अपना काम किया है। वे फिल्म की कहानी में अपने सन्देश में बखूबी तरीके से देने की कोशिश करते है। हालाँकि यह फिल्म थिएटर्स में आने से पहले ही सेंसर बोर्ड के पेंच में फसंती दिख रही थी। थोड़े चेंजेस के बाद OMG 2 अब थिएटर्स में दर्शको को बाँधे रखने में सफल हो रही है। इस मूवी में यामी गौतम, पवन मल्होत्रा और अरुण गोविल ने भी अच्छा काम किया है।

पंकज त्रिपाठी लीड रोल में

2012 में OMG फिल्म में परेश रावल और अक्षय कुमार ने दर्शको को एक रोचक और दमदार कहानी दी थी। आज भी लोग टीवी पर मूवी के आने पर इसको कुछ देर देखना जरूर पसंद करते है। लेकिन दस साल बाद की OMG 2 की कहानी पंकज त्रिपाठी के चारो ओर ही घूमती है। वे इस सुअवसर का अच्छा लाभ लेकर दमदार एक्टिंग करते भी दिख रहे है। अक्षय का रोल मूवी के ट्रेलर की ही तरह मजेदार है और कुछ मौको पर तो उनका चार्म किरदार को बेहतर करता है।

नए दौर के टॉपिक पर बनी फिल्म

अभी देश में यौन शिक्षा को वर्जना झेलनी पड़ती है किन्तु यह मूवी इस वर्जना को तोड़कर अपना मैसेज दे रही है। OMG 2 एक सामान्य परिश्रमी इंसान कांति शरण मुद्गल की कहानी है जोकि एक कट्टर शिव भक्त भी है। वो एक अच्छा पिता और पति है जोकि अपने परिवार और बच्चों का भला चाहता है। मूवी हरएक माता-पिता और बच्चों की कहानी दिखाती है जोकि एक नया दृष्टिकोण है। अक्षय का किरदार तो पहली वाली OMG की तरह ही एक दैवीय ताकत का ही रहा है जिससे वे स्क्रीन पर अच्छे से छाए है।

सभी एक्टर्स का फिल्म में अच्छा अभिनय

पंकज त्रिपाठी अपने अभिनय की कला बार-बार दर्शको को दिखाते रहते है। किन्तु उनकी एक्टिंग में यूपी-बिहार का कम्फर्ट जोन भी इस मूवी में टूटता दिखता है। उन्होंने अपने संवाद कला में भी बदलाव किये है और जहाँ वे बोलते नहीं वहां उनकी चुप्पी का हुनर भी दिख रहा है। यामी को फिर से एक उम्दा अदाकारा का सकते है। इनके अलावा गोविन्द नामदेव, पवन मल्होत्रा, बिजेंद्र काला और अरुण गोविल ने सहायक अभिनेताओं की भूमिका को अच्छे से निभाया है।

फिल्म क्रिटिक केआरके ने अपने ट्वीट से OMG 2 पर रिव्यू दिया है – ‘अक्षय कुमार की मूवी OMG 2 और शानदार है। अक्षय की एक्टिंग और लुक टॉप क्लास है। अन्य सभी कलाकारों ने भी अपना काम बेहतरीन किया है। सभी माता-पिता को इसे अपने बच्चों के साथ देखनी चाहिए। मैं इस बहुत अच्छी फिल्म को 3 स्टार दूंगा।

फिल्म की कहानी के मुख्य बिंदु

OMG 2 के लेखक और निर्देशक अमित राय ने मूवी के साथ न्याय किया है हालाँकि सेंसर बोर्ड के बदलाव थोड़ी मायूसी लाते है। किन्तु फिल्म को देखें तो सबसे बड़ी विशेषता है कि करीब हर 3 लाइन के बाद एक पंच लाइन जरूर मिल जाती है। इस लाइन में हँसी या सरप्राइज रहता है। इंटरवल के बाद की कहानी पूरी तरह से कांति, उसका परिवार और कोर्ट केस पर फोकस करती है। फिल्म का नरेटिव बनाने में अक्षय और कांति प्रयास तो करते है।

लेकिन पटकथा के स्लो होने पर अक्षय कुमार की जरूरत माहौल बनाने में दिखती है। फिल्म का कोर्ट रूम कहानी भी कानून के हथकंडे दिखाने से अधिक एक खास डिबेट के मंच जैसा ही इस्तेमाल होता रहता है। फिल्म की कहानी यहाँ थोड़ा जरूर भटकी है। चूँकि एक बच्चे के वाशरूम में वीडियों बनाकर वायरल करने के अपराध से हटकर बात देश के कामशास्त्र और बचे के स्टिग्मा पर घूमने लगती है। फिर भी अच्छी एक्टिंग और पंच अंत तक फिल्म में जान डाले रखते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *