कानपुर जेल में होगी रेडियो की धुन, कैदी बनेंगे आरजे

दीपक कुमार

अद्यतन सोम, 24 जुलाई 2023 08:32 अपराह्न IST

मनोरंज एक ऐसा साधन है जो बड़ी से बड़ी थकान और मानसिक तनाव को भी कम करता है। मनोरंजन के लिए अब उत्तर प्रदेश की कानपुर जेल में एक रेडियो स्टेशन शुरू होने वाला है। कैदी का काम करेंगे अंतिम पेज आरजे की भूमिका। इसके पीछे का लक्ष्य बजट को मनोरंजन कर मानसिक तनाव कम करना है। ये रेडियो कम्यूनिकेशन जो एफ एम की तरह का काम हो सकता है।

आज़ाद के जीवन स्तर में बदलाव के लिए रेडियो की स्थापना

रेडियो स्टेशन का शुभारंभ 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया जाएगा। फर्म और रिकॉर्ड्स के साथ-साथ जेल में म्युचुअल फंड को समाचार माध्यम से प्रसारित किया जाएगा। धार्मिक और भक्ति से जुड़े गाने भी प्रसारित। वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस जेल में रेडियो जॉकी की भूमिका कैदी खुद निभाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि रेडियो की स्थापना के लिए बंदी के जीवन स्तर में बदलाव।

फैक्ट्री की एक टीम बनाई गई

इसके लिए बैंटफ़्ता कैंची की एक निर्मित टीम, लैंग्वेज, लैंग्वेज और लज्जा दोनों अच्छे होंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जेल रेडियो की लॉन्चिंग की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और इसे इस साल स्वतंत्रता दिवस पर लॉन्च किया जाएगा। सघन सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें प्रत्येक बैरक में इंजीनियर और सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे कैदी प्रतिदिन सुबह और शाम रेडियो के माध्यम से स्वस्थ मनोरंजन प्राप्त कर सकते हैं।

इसकी फ्रीक्वेंसी पूरे जेल परिसर में है

यह एफएम रेडियो की तरह काम करेगा और इसकी फ्रीक्वेंसी पूरे जेल परिसर में होगी। यह पहली बार सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को लेकर आया है। जेल अधीक्षक डॉ. बीडी पैज ने कहा कि इसका पहला उद्देश्य लोगों की मानसिक स्थिति में सुधार करना है। इससे पहले से ही दवा की मानसिक स्थिति में सुधार होगा। रेडियो के माध्यम से संगीत की मदद से बंदियों को लोक अदालत की तरह जेल प्रशासन की समय सारणी और केस से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी। ताकि, वे उसके मन और मस्तिष्क पर-अनजाने में चले गए अपराध के प्रभाव को कम करके उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह कर सकें।

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