पार्क, पार्क, हाई मास्क लाइट सहित बच्चों के मनोरंजन के विकास कार्य होंगे | पार्क, पार्किंग, हाई मास्क लाइट सहित बच्चों के मनोरंजन के विकास कार्य किये जायेंगे

11 मिनट पहले

पर्यटन विभाग ने विकास कार्यों के लिए 1.40 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

इनमें से दो प्रमुख धार्मिक स्थल हैं पहला गौतमेश्वर जोकी अरनोद उपखंड में है, दूसरा देवक माता जो धमोतर क्षेत्र में है। ये दोनों ही धार्मिक स्थल हैं। दोनों स्थान पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकास कार्य में शामिल होंगे। इसके लिए प्रत्येक के लिए 1.40 करोड़ रुपए का जारी किया गया है।

सावन और बारिश के दिनों में दोनों के नज़ारे आकर्षण और मनमोहक होते हैं। जिसकी लिफ्ट के लिए हजारों की संख्या में लोग यहां पर मोर्चा संभाले हुए हैं। ये दोनों ही तीर्थ स्थल कई वर्षों से विकास की राह देख रहे थे। जिसके चलते आज यहां पर आने वाले को राहत मिली है।

मंदिर के मंडप पर होने वाला मनमोहक दृश्य यहां दिखाई देता है।

पर्यटन विभाग सहभागितागा विकास कार्य

पहले इन दोनों ने ही धार्मिक स्थल तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं बनाई थी, वहां से वास्तु को कड़ी संकट का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब धीरे-धीरे यहां विकास कार्य से दूसरा कायापलट हो गया है। पर्यटन विभाग ने पर्यटन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इन दोनों ही धार्मिक स्थलों पर विकास को लेकर प्रत्येक के लिए 1.40 करोड़ रुपये का खर्च दिया है। सौन्दर्यीकरण और सड़क मार्ग की सुरक्षा प्रतिदिन होती है यहाँ 500 से अधिक विशाल स्मारक हैं।

पिछले कुछ प्राचीन से इन दोनों धार्मिक स्थलों पर स्ट्रॉथ रोड और टूटे हुए पत्थरों के कारण 2020 से पहले यहां कलाकारों की संख्या 100 से 200 तक रहती थी, लेकिन धीरे-धीरे उनकी सुंदरता और विकास के काम यहां से होने लगे हैं। संख्या 500 से 1000 के बीच देखने को मिल रही है।

धर्म की प्रमुख आस्था है

दिवाक माता और गौतमेश्वर का प्रमुख आस्था केंद्र है। सावन और माघ महीने में यहां मेला भी भरता है। जिसमें हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय की महिलाएं, पुरुष यहां मजदूरी उठाने के लिए शामिल हैं। अब यहां 3 राज्यों के हजारों लोग सौंदर्य चित्रण और झरने का मनमोहक दृश्य देखने के लिए आएं।

रोड लेन टू फोर लेन से होने वाले वास्तु और फिल्म की संख्या में इजाफा हुआ है।

पहले सीढ़ियाँ टूटी फूटी होने के साथ लोग भगवान शिव के दर्शन नहीं कर पाते थे, लेकिन सीढ़ियाँ और सड़क दो लेन से चार लेन होने से कला और दृश्य की संख्या बहुत अधिक है। अरण्य वन क्षेत्र के बीच मौजूद दिवाक माता का मंदिर भी दक्षिण क्षेत्र में मौजूद मान्यता का प्रमुख आस्था का केंद्र है। यहां मनवांछित फल की इच्छा और बीमारी से पीड़ित लोगों की बड़ी संख्या में आस्था लेकर चौकी हैं और माता के आशीर्वाद से यहां से ठीक हो जाते हैं।

मंदिर के ऊपर से देखने पर यहां का दृश्य भी बड़ा आनंदित और मनमोहक लगता है। मंदिर पर होने वाले बादलों के दर्शन कुछ ही दूरी से होते हैं। पर्यटन विभाग की ओर से इस पहले से ही आने वाले दिनों में यहां पर फ़्लोरिडा की संख्या स्टैण्डर्ड और सौंदर्य चित्रण में चार चांदत्तारों का प्रदर्शन किया जाएगा।

दिवाक माता और गौतमेश्वर में ये कामहुगे

क्रं.संख्या कार्य लागत
1. निरीक्षण व्यवस्था 10 लाख
2. स्ट्रीट लाइट, हाई मास्क लाइट 20 लाख
3. यात्री शेड का निर्माण 15 लाख
4. विशेष निर्माण पार्क 15 लाख
5. चॉकलेट निर्माण 20 लाख
6. वन पथ निर्माण/घाटा दृश्य 25 लाख
7. विशाल प्रवेश द्वार निर्माण 25 लाख
8. वन नियंत्रण कक्ष 10 लाख

पिछले 4 वर्षों में करोड़ों के विकास कार्य

जिला मुख्यालय स्थित देवक माता एवं गौतमेश्वर में विधायक रामलाल मीणा दोनों ने तीर्थ स्थल पर 5 करोड़ से अधिक का विकास कार्य किया है। गौतमेश्वर में करीब 2 किमी की सड़क जो कि अरनोद से गौतमेश्वर तक की पूरी खंडहर और टूटी फूटी मंजिल में थी। इसके अध्यक्ष ने फोर लाइन की कंपनी गौतमेश्वर तक सड़क का निर्माण किया।

देवकामाता मंदिर जो कि वन क्षेत्र में है, यहां पहले सड़क के किनारे रहने वाले लोगों को कई आसा मिलते थे, लेकिन अब यहां भी करीब 5 किमी सड़क बनने से पर्यटन और अवशेषों को राहत मिली है। मंदिर के आस-पास के सौंदर्यीकरण और विकास को लेकर विधायक की पसंद पर करोड़ों रुपये का काम होता है।

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