तेलंगाना, आंध्रा और ओडिशा में हैं दांव, 20 सेकंड का खेल और तुरंत भुगतान | दांव तेलंगाना, आंध्र और ओडिशा से आते हैं, 20 सेकंड का खेल और तुरंत भुगतान

रायपुर4 घंटे पहलेलेखक: राजकिशोर भगत और प्रशांत गुप्ता

फोटो: जिज्ञासा केशरवानी।

वास्तुशिल्प लड़ाई मूल रूप से मौजूद है, कई जगह ग्रामीण संस्कृति का हिस्सा है लेकिन पौराणिक लड़ाई की बात ही खास है। खास इसलिए क्योंकि यहां हर रोज बुनियादी लड़ाई में एक-एक करोड़ रुपए के दांव लग रहे हैं। मनोरंजन का यह खेल आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में भी लोकप्रिय है। वहां से बड़ी संख्या में किसान यहां साइंस स्टेक लगा रहे हैं।

जीत पर 10 से 30 सेकंड में रेस हो रही है और मशीन पर ही टाइम बैलेंस हो रहा है। जंगल के जिन सामानों में लड़ाई हो रही है, वहां इसे देखने के लिए 2 हजार से लेकर 10 हजार तक लोग पहुंच रहे हैं।

यहां भी लाखों के दांव को लाखों का दांव माना जाता है : कलीगांव, चित्रकोट रोड (सोमवार)। मेरीगुड़ा, आंध्र-छत्तीसगढ़-तेलंगाना की सीमा का गाँव। (मंगलवार, गुरुवार, रविवार)। पाकेला, सुकमा रोड (शनिवार)। तुमनार, बीजापुर (शनिवार)। कर्कपाल (शनिवार)। मारपाल (शुक्रवार)। गीदम (रविवार)। जगपूर (सप्ताह 2 दिन)

मनोरंजन के लिए पशु, पक्षी, चारा का उपयोग : इतिहास में मनोरंजन के लिए जानवरों, पक्षियों और जानवरों का उपयोग किया जाता है। बाइट बैटल (तमिलनाडु के तिरुपपुर और कोयंबटूर में, आंध्रप्रदेश के करेमपुडी में, कर्नाटक के उडुपी में, केरला के कासरगोड में, झारखंड के टूसी द्वीप में, छत्तीसगढ़ के वन्यजीव किले में), जली कट्टू (तमिलनाडु में रेत और इंसानों के बीच का खेल) , बुल फाइटिंग (सांडो की लड़ाई), कंबाला (भैंसों की दौड़), बियर्स नाच, बन्दर नाच और सर्कस में घोड़े का उपयोग शुरू से होता आ रहा है।

दरें तीन-तीन सौ किमी दूर हैं
रविवार दोपहर 3 बजे जगदलपुर से करीब 80 किमी दूर गीदम के साप्ताहिक बाजार के ठीक सामने बड़े पैमाने पर लड़ाई होने वाली थी। हाट-बाज़ारी से अधिकांश भीड़ कहाँ थी, करीब 8 हजार लोग होंगे। अखाडा में जगह नहीं मिली, तो लोग पेड़ पर चढ़ गये। वहां अलग-अलग झुंडों में लड़ाई वाले मुर्गों की जो पुतलियां बन रही थीं। इसके लिए बॉस के मालिक का वजन और मुर्गे की ताकत को देख रहे थे। दरें जहां लग रही थीं, 20 से 50 हजार तक। 25 अतिरिक्त युद्ध की तैयारी की गई। लॉयल्टी में बड़े लैपटॉप के लिए कुरसियां ​​वाली, जिनपर सीट का रेट 500 रुपये था। पहली बार पासपोर्ट का टिकट 100 रुपये और बाहर का ग्राहक। गिल में 2 मुर्गे जैसे ही प्रदेश में, दांव लगने शुरू हो गए। मुर्गों का नाम लेकर सपोर्ट किया गया लेकिन 20 सेकंड में चिकन…। पता चला एक किताब लिखी गई…. व्यवसाय वाले व्यापारियों को 50 हजार रुपये और मेरा मत मिला। लोगों ने बताया कि शाम होते-होते 40 लाख रुपये का स्टेक लग जाएगा।

यह भी कहा कि आप कौन…? भास्कर टीम ने खुद को सड़क पर दिखाया और उतारा।

बधाइयाँ युद्ध में प्रयुक्त शब्दों का अर्थ

लड़ाई का नमूना नाम- कुक्कुट गली। लड़ाई की जगह- अखाडा. मुर्गों के पैर में बांधा गया हथियार- काटी।

मुर्गे में चाकू फंसाने और इलाज करने वालों के अलग-अलग स्टॉल

  • {लड़ाई के पहले मुर्गे के चाकू पैर में चाकू का इस्तेमाल किया जाता है। चाकू खरीदने वालों के लिए अलग-अलग चौपाल लगती है।
  • {घायल मुर्गे का इलाज, टांका उपयोग के लिए अलग चौपाल। ये 100 रुपए में ही मुर्गे का पूरा इलाज कर देते हैं।

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